टर्म लोन यानी सावधि ऋण एक ऐसी वित्तीय व्यवस्था है, जिसमें कोई कर्जदाता किसी कर्जदार को पूर्व निर्धारित अवधि के लिए एक विशिष्ट लोन राशि देता है। इसे लोन टर्म यानी ऋण अवधि के रूप में भी जाना जाता है।
टर्म लोन क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट लाइन से अलग होता है। टर्म लोन में क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट लाइन जैसी परिक्रामी यानी रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधाओं के विपरीत एक निश्चित पुनर्भुगतान अनुसूची और निर्धारित ब्याज दर शामिल होती है। परिक्रामी क्रेडिट खाते ओपन-एंडेड लोन होते हैं। उनकी कोई समाप्ति तिथि नहीं होती है और आम तौर पर जब तक खाता अच्छी स्थिति में होता है, तब तक खुले रहते हैं। जैसे ही परिक्रामी खाते से पैसा उधार लिया जाता है, उपलब्ध क्रेडिट की मात्रा कम हो जाती है और जैसे ही लोन चुकाया जाता है, उपलब्ध क्रेडिट वापस बढ़ जाता है। लेकिन, टर्म लोन के मामले में ऐसा नहीं होता है।
टर्म लोन संरचना कर्जदारों को पुनर्भुगतान और ब्याज लागत के मामले में पूर्व अनुमान प्रदान करती है। इस कारण यह अच्छी तरह से परिभाषित वित्तपोषण आवश्यकताओं वाले व्यक्तियों और व्यवसायों दोनों के लिए पसंदीदा विकल्प बन जाता है।
इस लेख में हम भारत में टर्म लोन की जटिलताओं, इसकी विशेषताओं, प्रकार, लाभ के साथ कई दूसरी बातों के बारे में भी बताएंगे।
टर्म लोन की विशेषताएं:
यहां टर्म लोन की विशेषताएं दी गई हैं;
- निश्चित पुनर्भुगतान अनुसूची: टर्म लोन के लिए कर्जदारों को लोन अवधि के दौरान निश्चित किस्तों में ब्याज सहित उधार ली गई राशि चुकाना होता है।
- ब्याज दर: टर्म लोन में बाजार की स्थितियों के साथ उतार-चढ़ाव वाली परिवर्तनीय ब्याज दरों के विपरीत आमतौर पर निश्चित ब्याज दरें होती हैं।
- लोन अवधि: लोन अवधि या वह अवधि जिसमें कर्जदार लोन चुकाता है, कुछ महीनों से लेकर कई वर्षों तक हो सकती है।
- गिरवी रखने की जरूरत: टर्म लोन में लोन की राशि और कर्जदार की साख के आधार पर सुरक्षा के रूप में गिरवी रखने की जरूरत पड़ सकती है।
टर्म लोन के प्रकार:
टर्म लोन तीन प्रकार के होते हैं: अल्पावधि, मध्यवर्ती और दीर्घकालिक लोन। इनको उनकी परिपक्वता तिथियों की पुनर्भुगतान अवधि के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। प्रत्येक प्रकार के लोन की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि कर्जदार से किसी ब्याज या शुल्क के साथ उधार ली गई राशि को कितनी जल्दी चुकाने की उम्मीद की जाती है।
1. अल्पावधि लोन:
अल्पावधि लोन की पुनर्भुगतान अवधि अपेक्षाकृत कम होती है। यह आमतौर पर कुछ हफ्तों से लेकर एक वर्ष तक होती है। ऐसे लोन का उपयोग आमतौर पर तत्काल वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है, जैसे अप्रत्याशित खर्चों को कवर करना, नकदी प्रवाह अंतराल का प्रबंधन करना या अल्पकालिक व्यापार अवसरों का लाभ उठाना।
2. मध्यवर्ती अवधि के लोन:
मध्यवर्ती अवधि के लोन में एक पुनर्भुगतान अवधि होती है, जो अल्पकालिक और दीर्घकालिक लोन के बीच आती है। ऐसे लोन की पुनर्भुगतान अवधि आम तौर पर एक से पांच वर्ष तक होती है। मध्यवर्ती अवधि के लोन का उपयोग अक्सर उपकरण खरीदने, व्यवसाय विस्तार करने या मध्यम आकार की परियोजनाओं के वित्तपोषण जैसे उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
3. दीर्घकालिक लोन:
दीर्घकालिक लोन की पुनर्भुगतान अवधि ज्यादा होता है। यह आमतौर पर पांच वर्ष से अधिक होती है। ऐसे लोन का उपयोग प्रमुख निवेशों या खर्चों के लिए किया जाता है, जैसे कि रियल एस्टेट खरीदना, बड़ी व्यावसायिक परियोजनाओं को वित्तपोषित करना या महत्वपूर्ण संपत्ति हासिल करना।
एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट द्वारा प्रदान की जाने वाली अनसिक्योर्ड लोन की न्यूनतम अवधि12 महीने है, जिसे 60 महीने तक बढ़ाया जा सकता है, जबकि सिक्योर्ड यानी सुरक्षित लोन के लिए 180 महीने है।
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टर्म लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज़:
टर्म लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज कर्जदाता और उधारकर्ता की प्रोफाइल के आधार पर अलग अलग हो सकते हैं। आमतौर पर आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हैं:
1- पहचान का प्रमाण: कंपनी, फर्म और व्यक्ति के लिए वैध पहचान दस्तावेज और पैन कार्ड।
2- पते का प्रमाण: कर्जदार के आवासीय पते की पुष्टि करने वाले दस्तावेज, जैसे मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट, या ड्राइविंग लाइसेंस।
3- खाता विवरण: 6 महीने के नवीनतम खाता विवरण।
4- निरंतरता का प्रमाण: आईटीआर/व्यापार लाइसेंस/स्थापना/बिक्री कर प्रमाणपत्र
5- अन्य दस्तावेज: एकल स्वामित्व घोषणा या साझेदारी विलेख (पार्टनरशिप डीड) की प्रमाणित प्रति, एमओए/एओए की प्रमाणित सत्य प्रतिलिपि (कंपनी निदेशक द्वारा प्रमाणित) और बोर्ड संकल्प (बोर्ड रिजोल्युशंस)।
टर्म लोन के लिए पात्रता मानदंड:
कृपया सुनिश्चित करें कि आप टर्म लोन प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं:
1- आवेदक की उम्र 22 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए
2- न्यूनतम ₹10 लाख टर्नओवर वाले उद्यम, न्यूनतम ₹2 लाख की वार्षिक आय और पिछले दो वर्षों के मुनाफे का प्रमाण।
3- व्यक्तियों को अपने मौजूदा कारोबार में कम से कम 3 वर्षों से जुड़ा होना चाहिए, साथ ही कुल 5 वर्षों का व्यवसायिक अनुभव होना चाहिए।
निष्कर्ष:
कुल मिलाकर टर्म लोन वित्तीय आकांक्षाओं और वास्तविकता के बीच एक आवश्यक पुल के रूप में कार्य करता है, जो व्यापक उद्देश्यों के लिए उधार लेने के लिए एक संरचित दृष्टिकोण प्रदान करता है।
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