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Published on Nov 25, 2025Updated on Aug 19, 2026

एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट का पर्सनल लोन ईएमआई कैलकुलेटर पैसों से जुड़े आपके सफर को आसान बनाने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। लोन लेने पर आपको हर महीने कितनी ईएमआई (समान मासिक किश्त) चुकानी पड़ेगी, इसको विस्तार से जानने में यह आपकी मदद करेगा। हमारे ईएमआई कैलकुलेटर में अनुमानित लोन की रकम, ब्याज दर और लोन की अवधि से संबंधित आंकड़ा दर्ज कर आप ब्याज की रकम और ईएमआई जानें।
आप अपनी अनुमानित पर्सनल लोन ईएमआई जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर मौजूद पर्सनल लोन ईएमआई कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें। सबसे पहले इस कैलकुलेटर पर जाएं। स्लाइडर की मदद से या सीधे बॉक्स में सबसे पहले अपनी अनुमानित लोन राशि दर्ज करें। मान लिया अनुमानित लोन राशि 5 लाख रुपए है, तो 5 लाख रुपए दर्ज करें। मान लीजिए ब्याज दर 12 प्रतिशत सालाना और लोन अवधि 5 साल है। तो, फिर दूसरे स्लाइडर की मदद से या सीधे दूसरे बॉक्स में ब्याज दर 12 प्रतिशत और तीसरे स्लाइडर की मदद से या सीधे तीसरे बॉक्स में लोन अवधि 5 साल दर्ज करें। इस स्थिति में यह ऑनलाइन कैलकुलेटर ईएमआई 11,122 रुपए, कुल देय मूल राशि 5 लाख, कुल देय ब्याज 1,67,33 रुपए और कुल देय राशि 6,67,333 रुपए प्रदर्शित कर रहा है।
अगर आप पर्सनल लोन पर एक महीने के लिए या किसी ईएमआई के लिए ब्याज राशि के बारे में जानना चाहते हैं, तो माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में IPMT (आईपीएमटी) फॉर्मूले का इस्तेमाल करें। फॉर्मूला इस तरह से है-
आईपीएमटी (रेट, प्रति, एनपीईआर, पीवी, {एफवी},{टाईप})
जहां, रेट, ब्याज दर है। अगर सालाना ब्याज दर 12 प्रतिशत है, तो मासिक आधार पर ब्याज दर दर्ज करने के लिए 12%/12 फॉर्मूले का इस्तेमाल करें।
प्रति (पीईआर), वह किश्त या महीना है जिसके लिए ब्याज राशि की गणना कर रहे हैं
एनपीईआर, कुल लोन अवधि (कुल ईएमआई की संख्या के हिसाब से) है
पीवी, मूल/लोन रकम है
{एफवी}, वैकल्पिक क्षेत्र है, जिसमें लोन अवधि की समाप्ति पर वांछित बकाया कैश बैलेंस दर्ज करना है, आमतौर पर यहां शून्य दर्ज करना होता है।
{टाईप}, ईएमआई महीने के शुरू में जमा करते हैं या आखिरी में, के आधार पर इसमें शून्य या एक दर्ज करें।
आपके समझने के लिए यहां पर एक उदाहरण दिया जा रहा है
|
महीना |
लोन बैलेंस (रु. में) |
ईएमआई (रु. में) |
ब्याज (रु. में) |
मूल राशि (रु. में) |
संशोधित ब्याज (रु. में) |
|
1 |
5,00,000 |
11,122 |
5,000 |
6,122 |
4,93,878 |
1: उपयोग करना आसान और आसानी से उपलब्ध: पर्सनल लोन ईएमआई कैलकुलेटर ऑनलाइन है। इसमें कहीं से भी कभी भी अनुमानित लोन राशि, लोन की अवधि और ब्याज दर की जानकारी देकर अपनी अनुमानित ईएमआई जान सकते हैं।
2: मासिक बजट में फिट बैठने वाली ईएमआई चुनने में आसानी: पर्सनल लोन ईएमआई की गणना करने से यह पता चल जाएगा कि आपको हर महीने कितनी ईएमआई चुकानी है। इससे आप अपने मासिक बजट में फिट बैठने वाली ईएमआई चुन सकते हैं।
3: स्वस्थ क्रेडिट रेटिंग सुनिश्चित करने में मददगार: अगर आपने पहले से पर्सनल लोन की ईएमआई का पता कर लिया है, तो आपको लोन चुकाने के लिए पैसों का प्रबंध करने का समय मिल जाएगा। इस तरह से आप ईएमआई चुकाने से चूक नहीं करेंगे।
आपने लोन की ईएमआई और ब्याज की गणना करना जान लिया, अब घर भर बैठे ही एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट से पर्सनल लोन के लिए वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर दें।
*कृपया ध्यान दें कि यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है। लोन एस.एम.एफ.जी इंडिया क्रेडिट के पूर्ण विवेक पर वितरित किए जाते हैं। अंतिम अनुमोदन, लोन शर्तें, संवितरण प्रक्रिया, अवधि से पहले चुकाने की शुल्क और प्रक्रिया आवेदन के समय एस.एम.एफ.जी इंडिया क्रेडिट की नीति के अधीन होगी। यदि आप हमारे उत्पादों और सेवाओं के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
हम अपनी सेवाओं में पूर्ण पारदर्शिता प्रदान करने के प्रयास करते हैं। हालाँकि, कृपया ध्यान दें कि इस पृष्ठ के अंग्रेजी और हिंदी संस्करण के बीच सामग्री में किसी भी अंतर के मामले में, अंग्रेजी पृष्ठ में दी गई जानकारी को अंतिम माना जाना चाहिए।
हाँ, कई लेंडर पर्सनल लोन के पूर्व भुगतान या फोरक्लोज़र की सुविधा देते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें, लॉक-इन अवधि और प्रीपेमेंट शुल्क लागू हो सकते हैं।
आप पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर में लोन राशि, ब्याज दर और अवधि दर्ज करके अनुमानित EMI और कुल ब्याज राशि का पता लगा सकते हैं। इससे पुनर्भुगतान की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।
फ्लैट रेट में पूरे लोन अमाउंट पर पूरे कार्यकाल के दौरान ब्याज लगाया जाता है, जबकि रिड्यूसिंग रेट में शेष बकाया राशि पर ब्याज की गणना होती है। रिड्यूसिंग रेट में कुल ब्याज लागत अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
कुल ब्याज राशि लोन अमाउंट, ब्याज दर और चुनी गई अवधि पर निर्भर करती है। आप ऑनलाइन EMI कैलकुलेटर या अमोर्टाइजेशन शेड्यूल की मदद से कुल देय ब्याज का अनुमान लगा सकते हैं।
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