पर्सनल लोन को लेकर 8 गलतफहमियां, जिसे नजरअंदाज करना चाहिए

Published on Jul 6, 2022Updated on Nov 10, 2025

पर्सनल लोन को लेकर 8 गलतफहमियां, जिसे नजरअंदाज करना चाहिए

पर्सनल लोन बड़े काम की चीज है। अचानक से कोई जरूरी काम पड़ जाए और पैसों की जरूरत हो, तो ऐसे में पर्सनल लोन मदद करता है। लेकिन, कुछ लोगों में पर्सनल लोन को लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं, जिसकी वजह से वे इसका फायदा नहीं उठा पाते हैं और अपना नुकसान कर लेते हैं। क्या आप भी पर्सनल लोन को लेकर गलतफहमियों की वजह से लोन लेने से कतरा रहे हैं? आमतौर पर पर्सनल लोन को लेकर लोगों में 8 गलतफहमियां होती हैं। इन गलतफहमियों को दूर करना जरूरी है। तो, यहां हम पर्सनल लोन से जुड़े 8 मिथक बता रहे हैं, जिसे आप भी नजरअंदाज कर दें तो फायदे में रहेंगे।   

1) आमदनी से जुड़ा मिथक

कुछ लोग मानते हैं कि जिनकी आमदनी या सैलरी ज्यादा होती है, उसे ही पर्सनल लोन मिलता है। लेकिन, ऐसा नहीं है। एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट हर महीने रु.20 हजार से रु. 25 हजार तक कमाने वाले को भी पर्सनल लोन देती है। 

2) डॉक्यूमेंट्स से जुड़े झंझट का मिथक

कोई भी लोन लेते हैं, तो उसमें डॉक्यूमेंट्स से जुड़े हुए बहुत सारे काम करने होते हैं। इसके अलावा, लोन देने वाली कंपनियों के दफ्तर के चक्कर भी लगाने होते हैं। लेकिन, पर्सनल लोन के मामले में ये सारा काम काफी कम हो जाता है। एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट तो महज आधार नंबर से ही ऑनलाइन आवेदन करने पर ग्राहकों को पर्सनल लोन दे देती है। कुछ और डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती भी है, तो उसे भी घर बैठे ऑनलाइन अपलोड कर देने से काम हो जाता है और लोन फटाफट मिल जाता है। एक तरह से पर्सनल लोन लेते समय पूरा काम कागजरहित होता है।

विस्तार में पढें: पर्सनल लोन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स

3) ब्याज दर को लेकर मिथक

पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है। एक समय था जब कंपनियां पर्सनल लोन पर अधिक ब्याज वसूलती थीं, लेकिन अब इस सेक्टर में बहुत सारी कंपनियों के आ जाने से कम ब्याज पर पर्सनल लोन मिल रहा है। कंपनियां अधिक से अधिक ग्राहकों को लुभाने के लिए कम से कम ब्याज पर पर्सनल लोन ऑफर करती हैं। एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट के पर्सनल लोन पर आपको कम ब्याज चुकाना होता है। आप अपने हिसाब से लोन की रकम और उसे चुकाने की अवधि भी चुन सकते हैं। इससे ग्राहकों को काफी फायदा होता है। एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से लोन देता है। 

4) मंजूरी मिलने का मिथक

बहुत सारे लोग सोचते हैं कि लोन की मंजूरी मिलने में ज्यादा समय लगता है। लेकिन, आजकल ऐसा नहीं है। टेक्नोलॉजी के आ जाने के बाद अधिक से अधिक 2 से 5 दिनों में लोन की मंजूरी मिल जाती है और लोन के पैसे लोन आवेदक के खाते में सीधे ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। 

5) सबूत देने को लेकर मिथक

बिजनस लोन या होम लोन लेते वक्त आपको सबूत देना होता है। लेकिन, पर्सनल लोन लेते वक्त आपसे लोन देने वाला नहीं पूछेगा कि लोन की रकम आप कहां इस्तेमाल करेंगे।  कुछ लोगों को लगता है कि पर्सनल लोन लेते समय भी सबूत देना होता है, जो कि एकदम गलत है। आप पर्सनल लोन के पैसे से कोई भी काम कर सकते हैं, पर्सनल लोन देने वाला आपसे पूछेगा नहीं। एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट से नौकरीपेशा, खुद का रोजगार करने वाला, डॉक्टर या पेशेवर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, अपनों का इलाज करवाने, अपनी या अपने बच्चों की शादी, कारोबार बढ़ाने या शुरू करने या फिर घर के मरम्मत जैसे कई जरूरी काम के लिए पर्सनल लोन ले सकता है।  

6)  गारंटर या गिरवी से संबंधित मिथक

आमतौर पर लोन लेते समय लोन वाले गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां गारंटर या किसी कीमती चीज को गिरवी रखने की मांग करती हैं। ऐसा इसलिये ताकि कल को अगर किसी कारण से लोन लेने वाला लोन नहीं चुका पाता है, तो कंपनी उस गारंटर से बाकी के अपने पैसे ले सके या फिर गिरवी रखी वस्तु की नीलामी करके अपना पैसा वसूल सके। हालांकि, एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट से पर्सनल लोन लेते समय गारंटर या किसी वस्तु को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है। 

7) ईएमआई से जुड़ा मिथक

लोन पर आपको अपनी सुविधानुसार ईएमआई चुकाने का मौका मिलता है। एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट आपको अपनी सुविधा के हिसाब से ईएमआई रकम और उसे चुकाने की अवधि का विकल्प देता है। 

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8) समय से पहले लोन चुकाने का मिथक

कई लोग मानते हैं कि लोन को समय से पहले नहीं चुका सकते हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है। आप समय से पहले लोन चुका सकते हैं। हालांकि, ऐसा करने पर कुछ जुर्माना देना पड़ सकता है। 

उम्मीद है कि पर्सनल लोन को लेकर आपकी 8 गलतफहमियां दूर हो गई होंगी। तो, निश्चिन्त होकर एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट से आप अपने जरूरी काम के लिए पर्सनल लोन लें। 

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