जानिए पर्सनल लोन से क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ा सकते हैं |

Published on Oct 18, 2022Updated on Aug 19, 2026

जानिए पर्सनल लोन से क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ा सकते हैं |

एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट जैसी किसी भी एनबीएफसी से पर्सनल लोन समेत कोई भी लोन लेने से पहले अपना क्रेडिट यानी सिबिल स्कोर दुरुस्त रखें। सिबिल स्कोर एक तीन अंको की संख्या है। यह संख्या 300 से शुरू होकर 900 तक के बीच की होती है। इस स्कोर से लोन लेने वालों के लोन चुकाने की क्रेडिट या विश्वनसीयता का पता चलता है।

कोई भी एनबीएफसी लोन आवेदक को लोन देते समय पात्रता शर्तों के अलावा, आवेदक का  सिबिल स्कोर भी देखती है। जैसे एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट से पर्सनल लोन लेने के लिए पात्रता शर्तों के अनुसार आपका सिबिल या क्रेडिट स्कोर 750 से अधिक होना चाहिए। अच्छा सिबिल स्कोर रहने पर कम ब्याज दर पर ज्यादा लोन रकम मिलने की उम्मीद रहती है, जबकि कम सिबिल स्कोर रहने पर ज्यादा ब्याज दर पर कम लोन रकम की संभावना रहती है या फिर लोन आवेदन रद्द भी हो सकता है।

खराब सिबिल स्कोर को कई तरीकों से बेहतर बना सकते है। इसमें एक तरीका है पर्सनल लोन लेकर।

पर्सनल लोन के जरिये सिबिल स्कोर या लोन मिलने की उम्मीद को कैसे बढ़ाएं:

पर्सनल लोन इन दो स्थितियों में आपके क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

  1.  बकाए क्रेडिट कार्ड बिल या लोन की बकाए किश्त का भुगतान करके:
    कई बार लोग क्रेडिट कार्ड के बकाए बिल या लोन की बकाए किश्त का भुगतान करने में देरी करते हैं या  चूक कर जाते हैं, तो इससे उनका क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है। इससे बचने में एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट से पर्सनल लोन आपकी मदद करेगा। पर्सनल लोन लेकर आप क्रेडिट कार्ड के बकाए बिल और लोन की बकाए किश्त का समय रहते भुगतान करके अपने क्रेडिट स्कोर को खराब होने से बचा सकते हैं। आमतौर पर पर्सनल लोन की ब्याज दर क्रेडिट कार्ड के बकाए पर लगने वाली ब्याज दर के मुकाबले कम होती है।

    यदि आपने एक साथ बहुत सारे कर्ज ले रखा है, जैसे कि होम, ऑटो, एसी, लैपटॉप या मोबाइल लोन इत्यादि, तो आप एक पर्सनल लोन लेकर सारे लोन को चुका दें। इससे आपको एक ईएमआई ही मैनेज करना होगा। बहुत सारे लोन की स्थिति में बहुत सारी ईएमआई मैनेज करना होता है। बहुत सारी ईएमआई के मुकाबले एक ईएमआई मैनेज करना आसान  है। 

    जब भी आप क्रेडिट कार्ड के बकाए बिल या किसी लोन की बकाए किश्त चुकाने में मुश्किल महसूस कर रहे हों, झट से पर्सनल लोन लेकर उसे चुका दें। इससे आप डिफॉल्ट होने से बच सकते हैं और सिबिल स्कोर भी खराब होने से बचा सकते हैं।
         
    अगर आपके क्रेडिट कार्ड बिल या लोन की किश्त भुगतान से जुड़ी क्रेडिट रिपोर्ट में देरी से भुगतान के निशान लगे हों, हालांकि भले ही वह कुछ ही महीनों के हों, तो लोन देने वाली एनबीएफसी आपको कम क्रेडिट योग्य समझ सकती है।

    इसलिये पर्सनल लोन लेकर समय पर क्रेडिट कार्ड बिल या किसी भी लोन की किश्त को चुका दें और अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाए रखें।
     
  2. पहले से लिए अधिक ब्याज दर वाले लोन को कम ब्याज वाले लोन से चुकाएं: 
    अगर आपने पहले से अधिक ब्याज दर वाला लोन ले रखा है तो आप एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट से कम ब्याज वाला पर्सनल लोन लेकर उसे चुका सकते हैं। भले ही अधिक ब्याज देने में आप सुविधाजनक महसूस कर रहे हों, लेकिन कम ब्याज वाला लोन आपको आसानी से मिल रहा हो, तो अधिक ब्याज वाले लोन को कम ब्याज वाले लोन से चुकाने में समझदारी है। 

    अगर आप कम ब्याज वाले लोन से अधिक ब्याज वाले लोन को चुकाते हैं तो जिस एनबीएफसी में आपका लोन खाता है, वह एनबीएफसी आपको सस्ता अनसिक्योर्ड लोन देने के लिए झटपट राजी हो जाएगी। सस्ता लोन से आपकी ईएमआई बोझ कम हो जाएगी और आपके कुछ पैसे बचेंगे। सस्ता लोन से आपको समय पर ईएमआई चुकाने में दिक्कत नहीं आएगी।      
अतिरिक्त पढ़ें: 8 सामान्य पर्सनल लोन मिथक जिन्हें आपको नज़रअंदाज़ करना चाहिए

आप निम्न तरीकों से अपना क्रेडिट स्कोर बेहतर कर सकते हैं।

  1.  अच्छी आय: अच्छी और स्थिर आय रहने पर लोन की मंजूरी की उम्मीद बढ़ जाती है। 
  2.  टैक्स का नियमित भुगतान: लोन आवेदक द्वारा टैक्स का नियमित भुगतान लोन एप्रूवल की उम्मीद को बढ़ाता है। 
  3. बैंक बैलेंस: अच्छे बैंक बैलेंस से लोन मिलने की गुंजाइश ज्यादा रहती है। 
  4. गारंटर/सह-आवेदक: अच्छे सिबिल स्कोर वाले परिवार के किसी करीबी सदस्य से अपने पर्सनल लोन के लिए गारंटर या सह-आवेदक बनने के लिए कहें।  
  5. लोन की राशि कम करें: यदि आपका सिबिल स्कोर 750 से कम है, तो अपनी लोन रकम को थोड़ा कम करें। 
  6. अपने कर्ज को समय पर चुकाएं: क्रेडिट कार्ड बिल के साथ साथ सभी ईएमआई का समय पर पुनर्भुगतान आपको अच्छा सिबिल स्कोर दिलाने में मदद करता है। 
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